
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: संतों ने आयोजित बैठक में कहा कि चंपत राय इस्तीफा स्वीकार न किया जाए
जांच पूरी होने से पहले आरोप लगाना गलत, जांच के बाद दोषी कोई भी होगा उसके खिलाफ हो कार्रवाई
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर लग रहे आरोपों के बीच अयोध्या का संत समाज उनके समर्थन में आ खड़ा हुआ है।
अयोध्या के कुछ संतों ने शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी की घटना निंदनीय है, जिसकी जांच चल रही है, ऐसे में बिना जांच पूरी हुए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर किसी भी तरह से आरोप लगाना किसी भी मायने में सही नहीं है।
संतों का कहना है कि मामल की जांच एसआईटी की ओर से अभी की जा रही है, जब तक जांच में कुछ भी साबित होता है, तो ही उनकी खिलाफ कार्रवाई हो लेकिन जब तक जांच न उनकी कोई गलती या खामी नहीं मिलती है तो उससे पहले उन्हें टारगेट करना किसी भी स्थिति में ठीक नहीं है।
अयोध्या संत मंडल की ओर से हजारा मंदिर में आयोजित बैठक में संतों ने कहा कि 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। संतों ने कहा कि दान राशि में गड़बड़ी के आरोपों की सच्चाई एसआईटी जांच के बाद ही सामने आएगी। संतों ने कहा कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे आगे आकर आय-व्यय का पूरा डेबिट-क्रेडिट सार्वजनिक करें।
संतों ने सवाल उठाया कि ट्रस्ट में 15 सदस्य है, सभी की कोई न कोई जिम्मेदारी है। ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि की है, ऐसे में केवल ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ही आरोप लगाना गलत है, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती। संतों का कहना है जांच के बाद कोई गड़बड़ी सामने आती है या फिर कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसको सजा मिलेगी।सभी संतों ने रामभक्तों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें।बैठक में महंत राघवेश दास वेदांती, महंत शशिकांत दास, महंत राजीव लोचन, महंत वैदेही वल्लभ शरण, सीताराम दास , हरिमोहन शरण , रवि शंकर शरण ,सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा उपस्थित रहे।

सरकार और एसआईटी पर भरोसा, सभी को रखना चाहिए संयम
राम मंदिर के चढ़ावे ने हुई चोरी के मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने अभी केवल प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है, जबकि अभी अंतिम रिपोर्ट सौंपा जाना है। एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद अब दोबारा अपनी जांच शुरू की है। संतों का कहना है कि हमें सरकार और जांच कर रही एसआईटी पर पूरा भरोसा है, इस मामले में एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। जब तक जांच की अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आती तब तक सभी को संयम बरतना चाहिए।
चोरी के आरोप में पकड़े जा चुके 8 आरोपी, पुलिस भी कर रही जांच
राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रस्ट की ओर से एफआईआर दर्ज होने बाद प्रकरण में आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ भी कर रही है और घटना को लेख सभी कड़ियों और साक्ष्यों को जुटाने में जुट गई है। चोरी के आरोप में जेल में बंद आरोपियों के पास से पैसे और कीमती सामान भी बरामद किए जा चुके है।
बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर संत समाज ने चंपत राय का समर्थन किया। संतों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले ट्रस्ट महासचिव पर आरोप लगाना उचित नहीं है।

